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JANSATTA

1.

हिंदी में ममता कालिया को साहित्य अकादेमी पुरस्कार

हिंदी की साहित्यकार ममता कालिया के संस्मरण 'जीते जी इलाहाबाद' को साल 2025 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार देने का एलान किया गया है। साहित्य अकादेमी के जारी बयान के मुताबिक अंग्रेजी में 'क्रिमसन स्प्रिंग' (उपन्यास) के लिए नवतेज सरना को और उर्दू में 'सफर जारी है' (कविता) के लिए प्रितपाल सिंह बेताब को अकादेमी पुरस्कार के लिए चुना गया है।

ममता कालिया की प्रमुख कृतियों में 'दुक्खम सुक्खम', 'सपनों की होम डिलिवरी', 'कल्चर-वल्चर' (उपन्यास), 'छुटकारा', 'अंदाज-ए-बयां उर्फ रवि कथा' शामिल हैं। अकादेमी ने 24 भारतीय भाषाओं के लिए भी पुरस्कारों की घोषणा की है। 


2.

अमेरिका से व्यापार समझौते पर भारत के वाणिज्य सचिव ने कहा : शुल्क ढांचा तय होने के बाद ही हस्ताक्षर

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर अमेरिका का नया वैश्विक शुल्क ढांचा तैयार होने के बाद ही किए जाएंगे। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति के बारे में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि हम इस समय अमेरिका के साथ समझौते के विवरण पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कुछ गैर-शुल्क बाधाएं हैं जिन्हें दूर करना है। धारा 232 से जुड़े शुल्क के तहत भी कुछ पहलुओं पर काम करना है। इसलिए हम इस समय का रचनात्मक उपयोग कर रहे हैं ताकि जब समझौते पर हस्ताक्षर का समय आए तो ये मुद्दे देरी का कारण न बनें।


3.

सुप्रीम कोर्ट ने रिज से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए कहा : यह सोच बदलनी होगी कि हरियाली की जरूरत सिर्फ दिल्ली को

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली रिज से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह सोच बदलनी होगी कि केवल राष्ट्रीय राजधानी को ही हरियाली की जरूरत है और अन्य राज्यों पर इसका कम असर पड़ता है। अरावली पर्वत श्रृंखला का ही एक विस्तार रिज दिल्ली में स्थित है और यह एक पथरीला, पहाड़ी और वन क्षेत्र है। प्रशासनिक कारणों से इसे चार क्षेत्रों दक्षिण, दक्षिण मध्य, मध्य और उत्तर में विभाजित किया गया है जो लगभग 7,784 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हुए हैं। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जायमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने टिप्पणी की कि हरित आवरण के मुद्दे पर एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। 


4.

मशीन निर्भर विकास के जोखिम

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक डेमिस होसाबिस का तर्क है कि जहां एआइ के विकास से संभावनाएं बढ़ी हैं, वहीं उसके खतरे भी उभरे हैं। एआइ की दौड़ में कुछ देश या कंपनियां सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर सकती हैं। ऐसा करने पर यह तकनीक मानवता के लिए विनाश का कारण बन सकती है। उनका तर्क है कि एआइ को बच्चों की तरह ही नैतिकता और इंसानियत सिखाने की जरूरत है। वे चाहते हैं कि ऐसी एआइ विकसित हो, जो न सिर्फ बुद्धिमान हो, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार भी हो। माना जा रहा है कि 2030 तक इतना सोचने वाली मशीन आ जाएगी, जो इंसानी क्षमता से अधिक तेज और ज्ञानवान होगी। वह हमारे आसपास की दुनिया को गहराई से समझेगी और हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में घुलमिल जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि एआइ अगले दस साल में बीमारियों को खत्म कर देगा। सवाल यह है कि प्राकृतिक वातावरण में इतनी बीमारियां तो नहीं थीं, जितनी आज के डिजिटल वातावरण में विकसित हुई हैं, तो क्या ये बीमारियां विकसित तकनीक के अधिक उपयोग के कारण ही उभर रही हैं? 


5.

ऊर्जा संकट : भारत-चीन पर मार, रूस को हो रहा फायदा

ईरान की जंग ने दुनिया के सबसे अहम कारोबारी मार्ग को लाचार बना दिया है। होर्मुज जलमार्ग दुनियाभर में टैंकरों के जरिए तेल की ढुलाई का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है। इसके जरिए खाड़ी के देशों से यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका तक तेल की ढुलाई होती है। ओमान और ईरान के बीच मौजूद इस संकरे मार्ग से दुनिया का करीब 20 फीसद तेल गुजरता है। मलक्का के रास्ते के बाद यह तेल की ढुलाई का सबसे बड़ा रास्ता है। ईरान युद्ध में इसके बाधित होने की वजह से तेल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है और व्यापक रूप से आर्थिक प्रभाव हुए हैं। 


6.

ईरान संघर्ष : दुनिया में खाद्य संकट का अंदेशा

समुद्री कारोबार पर निगाह रखने वाली कंपनी 'सिग्नल ग्रुप' के आंकड़ों से पता चलता है कि दुनिया भर में व्यापार होने वाली प्रमुख खादों, जैसे कि अमोनिया, फास्फेट और सल्फर का 20 फीसद हिस्सा अकेले खाड़ी देशों से आता है। एक रपट के मुताबिक, दुनिया भर में व्यापार होने वाले यूरिया, जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली नाइट्रोजन खाद है, का लगभग आधा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आता है। इसमें से अकेले कतर पूरी दुनिया की आपूर्ति के 10 फीसद हिस्से का उत्पादन करता है। 


7.

हिंद महासागर क्षेत्र में संतुलन की कवायद

'लेमोआ' समझौता

जो बात भारत के लिए स्थिति को कुछ जटिल बनाती है वह है 2016 में भारत और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित 'लाजिस्टिक्स एक्सचेंज' समझौता ज्ञापन (लेमोआ)। यह समझौता दोनों देशों के बीच ईंधन भरने, जरूरी सामान देने और अन्य सेवाओं में मदद को आसान बनाने के लिए किया गया था। इस समझौते के तहत अमेरिकी नौसेना जरूरत पड़ने पर भारत के बंदरगाहों और ठिकानों का उपयोग ईंधन भरने और सामान लेने के लिए कर सकती है और भारत भी इसी तरह अमेरिकी सुविधाओं का उपयोग कर सकता है। ऐसे समय में जब अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई भारत में चिंता पैदा कर सकती है। 


8.

थोक महंगाई फरवरी में बढ़कर उच्चतम स्तर 2.13% पर

दाल, आलू, मछली जैसे खाने के सामान और अन्य वस्तुओं के दाम में तेजी से थोक मुद्रास्फीति फरवरी में बढ़कर 11 महीने के उच्चतम स्तर 2.13 फीसद पर रही। हालांकि, मासिक आधार पर इस दौरान सब्जियों की कीमतों में नरमी आई। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। यह लगातार चौथा महीना है जब थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआइ) आधारित मुद्रास्फीति में तेजी आई है। यह इस साल जनवरी में 1.81 फीसद जबकि पिछले साल फरवरी में 2.45 फीसद थी। 


9.

देश में बेरोजगारी दर में मामूली गिरावट, आंकड़ा 4.9 फीसद पर

देश में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों के बीच कुल बेरोजगारी दर में मामूली गिरावट दर्ज हुई है। फरवरी में मासिक आधार पर यह आंकड़ा घटकर 4.9 फीसद रहा। जबकि जनवरी में पांच फीसद पर था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने सोमवार को आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) की मासिक रपट जारी की। इसमें जनवरी, 2026 में बढ़ोतरी के बाद शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों के बीच बेरोजगारी दर फरवरी, 2026 में घटकर 6.6 फीसद रह गई, जो दिसंबर, 2025 के 6.7 फीसद के स्तर से भी कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह बेरोजगारी दर फरवरी, 2026 में 4.2 फीसद पर स्थिर रही। फरवरी, 2026 में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं में कुल बेरोजगारी दर घटकर 5.1 फीसद रह गई जबकि जनवरी, 2026 में यह 5.6 फीसद थी। 


10.

महाराष्ट्र विधानसभा ने धर्म की स्वतंत्रता विधेयक-2026 पारित किया

महाराष्ट्र विधानसभा ने सोमवार रात धर्म की स्वतंत्रता विधेयक-2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक में कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिनका उद्देश्य जबरदस्ती, धोखाधड़ी, प्रलोभन या विवाह के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना है।


11.

बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया का सख्ती से पालन करें

बच्चों के गोद लेने की प्रक्रियाओं को मजबूत करने, अभिलेख को सुरक्षित रखने व बच्चों की पहचान की गोपनीयता सुनिश्चित रखने के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) ने राष्ट्रव्यापी निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देश में किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 (2021 में संशोधित) और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के प्रावधानों के अनुसार जारी किए गए हैं।

जारी निर्देश के तहत उचित जांच-पड़ताल, जैविक माता-पिता का पता लगाने, पुनर्स्थापन प्रयासों और अन्य वैधानिक आवश्यकताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किए बिना किसी भी अनाथ या परित्यक्त बच्चे को कानूनी रूप से गोद लेने के लिए स्वतंत्र घोषित नहीं किया जा सकता है।

जारी निर्देश के तहत उचित जांच-पड़ताल, जैविक माता-पिता का पता लगाने, पुनर्स्थापन प्रयासों और अन्य वैधानिक आवश्यकताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किए बिना किसी भी अनाथ या परित्यक्त बच्चे को कानूनी रूप से गोद लेने के लिए स्वतंत्र घोषित नहीं किया जा सकता है। 


12.

ब्रिटेन पश्चिम एशिया के व्यापक संघर्ष में नहीं शामिल होगा : स्टार्मर

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किअर स्टार्मर ने सोमवार को कहा कि वह ब्रिटेन को पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध में घसीटे जाने की अनुमति नहीं देंगे। वह यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर होरमुज की खाड़ी को फिर से खोलने के लिए एक व्यवहार्य योजना तैयार कर रहे हैं। 


13.

'डिजिटल अरेस्ट' के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते सुनवाई करेगा

देशभर में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट एक हफ्ते बाद सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने कहा कि इस मामले में हमने एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है।  


14.

भारत ने धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग की रपट को किया खारिज

भारत ने अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की उस रपट को पूरी तरह खारिज किया है जिसमें भविष्य में अमेरिकी सुरक्षा सहायता और भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार नीतियों को धार्मिक स्वतंत्रता में सुधार से जोड़ने का सुझाव दिया गया है।

यूएससीआइआरएफ ने यह भी कहा कि 'रिसर्च एंड एनालिसिस विंग' (रा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जैसे संगठनों पर 'उन व्यक्तियों या संस्थाओं की संपत्तियों को जब्त करके और/या अमेरिका में उनके प्रवेश पर रोक लगाकर धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन की जिम्मेदारी के लिए' लक्षित प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए। 


15.

अंटार्कटिका में सूक्ष्मजीव 'हवा से ऊर्जा' लेकर सर्दियों में भी रहते हैं सक्रिय

'द आइएसएमई' जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि अंटार्कटिका के कुछ सूक्ष्मजीव शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे तक के तापमान में भी वातावरण से हाइड्रोजन और कार्बन मोनोआक्साइड जैसी गैसों का उपयोग कर ऊर्जा बना सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार एरोट्राफी नामक प्रक्रिया

अंटार्कटिका के सूक्ष्मजीवों को जीवित रहने में मदद करती है। इस प्रक्रिया में सूक्ष्मजीव विशेष एंजाइमों की मदद से वातावरण में बेहद कम मात्रा में मौजूद हाइड्रोजन और कार्बन मोनोआक्साइड को पहचानते हैं और उनसे ऊर्जा बनाते हैं। 


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